सीमांचल चुनाव 2025: हर सीट पर गरमा गया सियासी मुकाबला
सीमांचल क्षेत्र में चुनावी सरगर्मियां तेज़ हो गई हैं और सभी राजनीतिक दलों के उम्मीदवार पूरी ताकत से मैदान में उतर चुके हैं। सीट बंटवारे के बाद बहादुरगंज सीट कांग्रेस को मिलने पर राजद विधायक मोहम्मद अंजार नईमी ने गठबंधन धर्म निभाने का निर्णय लिया है, जबकि कोचाधामन से वंचित हुए विधायक इज़हार असफी के पुत्र गुड्डू ने निर्दलीय नामांकन किया है। कांग्रेस ने बहादुरगंज से प्रो. मुसब्बिर आलम, किशनगंज से कमरूल होदा, अमौर से अब्दुल जलील मस्तान और कसबा से इरफ़ान आलम को उम्मीदवार बनाया है। राजद ने कोचाधामन से मास्टर मुजाहिद आलम, बायसी से हाजी अब्दुस सुबहान, ठाकुरगंज से सऊद आलम असरार और धमदाहा से संतोष कुशवाहा को मैदान में उतारा है। वहीं, जोकीहाट में राजद विधायक शाहनवाज आलम के खिलाफ उनके भाई सरफराज आलम जन सुराज पार्टी से उतरकर मुकाबले को रोचक बना रहे हैं। कुल मिलाकर सीमांचल के चुनावी मैदान में त्रिकोणीय और बहुकोणीय मुकाबलों की गूंज सुनाई दे रही है।
सीमांचल (विशाल/पिंटू/विकास)
सीट शेयरिंग में बहादुरगंज सीट के कांग्रेस खाते में चले जाने के कारण उक्त सीट के सिटिंग राजद विधायक मोहम्मद अंजार नईमी ने गठबंधन धर्म का पालन करने का संकल्प लिया है , जबकि कोचाधामन सीट पर उम्मीदवारी से वंचित हुए राजद के सिटिंग विधायक इज़हार असफी के पुत्र गुड्डू ने निर्दलीय चुनाव मैदान में कूदने के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है।
बहादुरगंज सीट से कांग्रेस ने प्रोफेसर मुसब्बिर आलम को उम्मीदवार बनाया है,जबकि,कोचाधामन सीट पर राजद ने सिटिंग विधायक इज़हार असफी के होते हुए अपना उम्मीदवार जदयू से इस्तीफा देकर राजद में शामिल हुए पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम को राजद का उम्मीदवार बनाया है।
बायसी विधान सभा क्षेत्र से राजद के सिटिंग विधायक सैयद रूकनुद्दीन अहमद ने भी वहां से घोषित राजद प्रत्याशी हाजी अब्दुस सुबहान को समर्थन देने का घोषणा कर दिया है।
किशनगंज सदर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी कमरूल होदा ने नामांकन दाखिल कर दिया है , ये भाजपा की प्रत्याशी स्वीटी सिंह से चुनावी मुकाबला करेंगे।
बहादुरगंज सीट से कांग्रेस प्रत्याशी प्रोफेसर मुसब्बिर आलम भी पूरी तरह से चुनाव के मैदान में आ गए हैं।
जबकि अमौर विधानसभा क्षेत्र की सीट से शेर दिल गर्जना के साथ कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल जलील मस्तान पूरी शिद्दत से चुनाव मैदान में उतर गए हैं। इनका मुकाबला जदयू प्रत्याशी सबा जफर (पूर्व विधायक) से होना है।
कसबा विधानसभा क्षेत्र की सीट से चुनाव मैदान में कूदे कांग्रेस प्रत्याशी इरफ़ान आलम के सामने एनडीए गठबंधन के लोजपा रामविलास पार्टी के प्रत्याशी के रूप में नितेश सिंह आ खड़े हुए हैं लेकिन चर्चा है कि इस सीट पर अंततः एन डी ए के बागी निर्दलीय उम्मीदवार किशोर जायसवाल ही कांग्रेस को कड़ी टक्कर देंगे।
पूर्णिया जिले के बायसी विधान सभा क्षेत्र की सीट पर भाजपा प्रत्याशी विनोद यादव की त्रिकोणीय टक्कर राजद प्रत्याशी हाजी अब्दुस सुबहान और जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी शाहनवाज आलम के साथ ही होनी तय है।
किशनगंज जिले के ठाकुरगंज की सीट पर एन डी ए के जदयू प्रत्याशी गोपाल अग्रवाल को टक्कर देने के लिए इस बार फिर से राजद प्रत्याशी के रूप में सिटिंग विधायक सऊद आलम असरार चुनाव मैदान में उतर गए हैं।
उधर पूर्णिया जिले की धमदाहा सीट पर जदयू प्रत्याशी सह निवर्तमान मंत्री लेसी सिंह का मुकाबला करने पूर्णिया के पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा राजद उम्मीदवार के रूप में जा खड़े हुए हैं।
रूपौली विधान सभा क्षेत्र की सीट पर काबिज़ सिटिंग निर्दलीय विधायक शंकर सिंह से लोहा लेने के लिए राजद की प्रत्याशी सह पूर्व मंत्री बीमा भारती की दहाड़ गूंजनी शुरू हो गई है।
जबकि पूर्णिया सदर विधानसभा क्षेत्र की सीट पर विगत दो टर्मों से लगातार काबिज़ भाजपा के सिटिंग विधायक विजय खेमका को इस बार परास्त करने का लक्ष्य लेकर कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में पूर्णिया नगर निगम की मेयर के पति जितेन्द्र यादव चुनाव मैदान में उतर गए हैं।
प्राप्त खबरों के अनुसार , अररिया सदर विधानसभा क्षेत्र की सीट पर जदयू प्रत्याशी शगुफ्ता अजीम की चुनावी टक्कर इस बार भी वहां के सिटिंग विधायक सह कांग्रेस प्रत्याशी आविदुर्रहमान के साथ ही होनी तय है।
जबकि , अररिया जिले के जोकीहाट विधान सभा क्षेत्र की सीट पर काबिज़ सिटिंग विधायक सह राजद प्रत्याशी शाहनवाज आलम को चुनावी मैदान में जोरदार टक्कर दे कर उन्हें परास्त करने की नियत से उनके ही बड़े भाई सह पूर्व अररिया सांसद सह जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी सरफराज आलम चुनाव मैदान में उतरते ही ताल ठोक ठोक कर प्रतिद्वंदियों को ललकारना शुरू कर दिए हैं।



