पूर्णिया उर्दू सोसाइटी की साहित्यिक एवं वैचारिक गोष्ठी में उर्दू भाषा के विकास पर जोर, नई कार्यकारिणी का गठन
पूर्णिया उर्दू सोसाइटी के तत्वावधान में “उर्दू की वर्तमान स्थिति” विषय पर एक साहित्यिक एवं वैचारिक गोष्ठी इंटरनेशनल इंग्लिश स्कूल, माधोपाड़ा में आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जनाब एहसान क़ासमी ने की, जबकि स्वागत भाषण डॉ. मुजाहिद हुसैन ने दिया। गोष्ठी में पूर्णिया एयरपोर्ट का नाम उर्दू लिपि में लिखवाने हेतु डीएम को ज्ञापन देने पर विचार हुआ। मौलवी अफरोज आलम ने शिक्षकों, विद्यार्थियों और आम लोगों से उर्दू भाषा के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर जनाब अहकम ग़ाज़ीपुरी और स्थानीय शायरों ने अपनी रचनाओं से कार्यक्रम में रंग भरा। डॉ. साक़िब अनवर की नई पुस्तक “ताबीर व तनक़ीद” का विमोचन भी किया गया। अंत में सोसाइटी की नई कार्यकारिणी गठित की गई, जिसमें एहसान क़ासमी अध्यक्ष, डॉ. मुजाहिद हुसैन सचिव और मौलवी अफरोज आलम कोषाध्यक्ष चुने गए। कार्यक्रम उर्दू भाषा के विकास और संवर्धन के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
सीमांचल (विशाल/पिंटू/विकास)
पूर्णिया उर्दू सोसाइटी के तत्वावधान में उर्दू की वर्तमान स्थिति विषय पर एक साहित्यिक और वैचारिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। पूर्णिया के माधोपाड़ा स्थित इंटरनेशनल इंग्लिश स्कूल में संपन्न हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जनाब एहसान क़ासमी साहब ने की। जबकि , गोष्ठी की शुरुआत डॉ. मुजाहिद हुसैन साहब के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य और एजेंडे प्रस्तुत किए तथा उनके क्रियान्वयन के लिए उपस्थित लोगों से सुझाव आमंत्रित किए।
इस अवसर पर पूर्णिया एयरपोर्ट के नाम को उर्दू लिपि में भी लिखवाने के संबंध में डीएम पूर्णिया को ज्ञापन सौंपने पर विचार-विमर्श किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए मौलवी मुहम्मद अफ़रोज़ आलम ने अपने संबोधन में उर्दू के शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम जनता से उर्दू भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार में अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का एहसास करने पर जोर दिया। उन्होंने उर्दू के विकास के लिए ज़मीनी स्तर पर किए जा सकने वाले ठोस कदमों पर उपयोगी सुझाव भी दिए।
गोष्ठी के अतिथि शायर जनाब अहकम ग़ाज़ीपुरी ने पूर्णिया की सरज़मीन पर उर्दू के प्रति बढ़ती दिलचस्पी पर प्रसन्नता व्यक्त की और अपने सुंदर अशआर से उपस्थित जनसमूह को आनंदित किया।इसके बाद स्थानीय शायरों दानिश इक़बाल, शादाब वफ़ा, अब्दुल हलीम समर, ज़फर इमाम आदि ने भी अपनी-अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं, जिन्हें श्रोताओं की ओर से भरपूर सराहना मिली।
गोष्ठी के दौरान डॉ. साक़िब अनवर साहब की नई किताब ताबीर व तनक़ीद का विमोचन किया गया। अंत में जनाब एहसान क़ासमी साहब ने पूर्णिया उर्दू सोसाइटी के इतिहास, उद्देश्यों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। बैठक में इस सोसाइटी की नई कार्यकारिणी का पुनर्गठन किया गया और सक्रिय सदस्यों को समिति में शामिल किया गया।
सर्वसम्मति से जनाब एहसान क़ासमी को अध्यक्ष, प्रोफेसर डॉ. मुजाहिद हुसैन को सचिव और मुहम्मद अफ़रोज़ आलम को कोषाध्यक्ष चुना गया। जबकि प्रोफेसर अब्दुल मनान साहब को उपाध्यक्ष और डॉ. साक़िब अनवर साहब को सहायक सचिव नियुक्त किया गया।
अन्य सदस्यों में जनाब मुनव्वर अमीन, प्रो. ए. आर. बाबल, एहतिशामुल हक़, अब्दुल हलीम समर, शहज़ाद अरशी, शादाब वफ़ा और जनाब शाहनवाज़ साहब के नाम सक्रिय सदस्यों के रूप में शामिल किए गए , और अंत में यह गोष्ठी उर्दू भाषा के प्रचार और उन्नति के संकल्प के साथ संपन्न हुई।



