भारत-नेपाल सीमा जोगबनी–विराटनगर पर ब्राउन शुगर तस्करी का बड़ा खुलासा, चार गिरफ्तार

भारत-नेपाल सीमा के जोगबनी–विराटनगर क्षेत्र में ब्राउन शुगर का बढ़ता अवैध कारोबार दोनों देशों की पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। पिछले 72 घंटे में नेपाल नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, विराटनगर ने कार्रवाई करते हुए दो भारतीयों समेत चार लोगों को 152 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया। इससे पहले जोगबनी में लगभग एक करोड़ रुपये मूल्य की ब्राउन शुगर के साथ दो युवकों की गिरफ्तारी हो चुकी है। नेपाल पुलिस का कहना है कि भारत से नेपाल आकर ड्रग्स की बिक्री करने वालों पर उनकी पैनी नजर है। सीमा पर नो-मेंस-लैंड में दुकानों का अतिक्रमण और नेपाल नंबर की टैक्सियों द्वारा लगाए जाने वाले जाम से जांच में भारी बाधा उत्पन्न होती है, जिसका लाभ ड्रग्स माफिया उठाते हैं। जाम और अव्यवस्था के कारण न केवल तस्करी आसान हो जाती है, बल्कि पॉकेटमारी व चोरी की घटनाएँ भी बढ़ जाती हैं।

भारत-नेपाल सीमा जोगबनी–विराटनगर पर ब्राउन शुगर तस्करी का बड़ा खुलासा, चार गिरफ्तार

सीमांचल/जोगबनी (भारत-नेपाल सीमा) | अशोक कुमार एवं राजेश शर्मा (नेपाल)

सीमांचल के अररिया जिला अंतर्गत की जोगबनी स्थित भारत नेपाल की खुली सीमा इन दिनों नशीले पदार्थों के अवैध कारोबारी के लिए वरदान साबित हो रहा है और इन सब के बीच ड्रग्स माफियाओं की सक्रियता सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

भारत नेपाल की जोगबनी विराटनगर सीमा पर अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स माफियाओं की सक्रियता की पुष्टि इस बात से होती है कि महज 72 घंटे के अंदर बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड क्षेत्र के चार लोग नेपाल के विराटनगर में नेपाल पुलिस द्वारा रंगे हाथ गिरफ्तार किए गए हैं जबकि इस गिरफ्तारी से दो दिन पूर्व तकरीबन एक करोड़ रुपए मूल्य के तकरीबन एक किलोग्राम ब्राउन शुगर के साथ भारत नेपाल के सीमा स्थित भारतीय क्षेत्र जोगबनी के दो युवक की हुई गिरफ्तारी की घटना की जांच भी नेपाल नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम कर ही रही थी कि बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज प्रखंड क्षेत्र के अन्य दो युवक भी 152 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ विराटनगर से गिरफ्तार किए गए हैं।

नेपाल के कोसी प्रदेश पुलिस के प्रवक्ता दीपक पोखरेल के अनुसार , यह सभी कार्रवाई नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो विराटनगर नेपाल की टीम के द्वारा की गई है और नए पुराने सभी ड्रग्स कारोबारी के मामलों पर न सिर्फ नेपाल पुलिस की पैनी नजर है बल्कि भारतीय पुलिस की भी है।

बताया जाता है कि पूर्व में गिरफ्तार भारतीय क्षेत्र जोगबनी के कारोबारी ने पुलिस की पूछताछ में जो भी खुलासा किया था उस सन्दर्भ में भी और बढ़ते ड्रग्स कारोबार को रोकने की कोशिश में नेपाल पुलिस द्वारा चुनौती के रूप में लिया गया है।

नेपाल के प्रदेश पुलिस प्रवक्ता थापा ने बताया कि नेपाल के विराटनगर से जिन चार ड्रग्स कारोबारी को गिरफ्तार किया गया है उसमें दो भारतीय नागरिक फारबिसगंज के हैं और इसके अलावा नेपाल पुलिस ने विराटनगर से ब्राउन शुगर हेरोइन के साथ चार लोगों को अलग गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उन्हें विराटनगर 13 और विराटनगर 11 से गिरफ्तार किया था। नेपाल पुलिस ने बताया कि ताजा तरीन गिरफ्तार किए गए लोगों में जो दो भारतीय नागरिक हैं उनमें 28 वर्षीय मोहम्मद मोजाहित  फारबिसगंज के कोहलिया निवासी हैं , जबकि दूसरा 20 वर्षीय राजकुमार दास  फारबिसगंज के पलासी का निवासी है जिनके पास से 152 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद किया गया है और इन लोगो के द्वारा पूछताछ में भारत से नेपाल आकर उक्त नशीले पदार्थों की बिक्री करने की बात कही गई है।

नेपाल पुलिस ने विराटनगर 8 निवासी 28 वर्षीय अजय कुमार मुखिया को भी गिरफ्तार किया है।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, विराटनगर की टीम ने मुखिया के पास से 140 ग्राम  18 मिलीग्राम ब्राउन शुगर बरामद किया है और गिरफ्तार सभी नशे के सौदागरों को नेपाल के जिला पुलिस कार्यालय मोरंग में रख कर गहन पूछताछ की जा रही है।

इस क्रम में सीमा की निगरानी करने वाले दोनों देशों की पुलिस का कहना है कि नशे के अंतरराष्ट्रीय तस्करों की इस ओर से उस ओर की आवाजाही पर निगरानी रखने में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि ठीक सीमा बिंदु पर अवस्थित नो मेंस लैंड को अतिक्रमण कर तरह तरह की दुकानें खोलने वाले अतिक्रमणकारियों और उसके अलावा उस स्थल पर जाम लगाने वाले नेपाली नंबर की टैक्सीयों की मनमानी से सीमा तैनात भारतीय सुरक्षा बल एसएसबी को जांच में परेशानी होती है।

उनका कहना है कि जोगबनी रेलवे स्टेशन से खुलने वाली नेपाली नंबर की आंख अस्पताल की टैक्सीयां जब सीमा पर जाम लगा देती है तो वह जाम ही नशीले पदार्थों के अवैध कारोबारियों के लिए वरदान साबित हो जाती हैं।

इस मामले में भारत नेपाल सामाजिक सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा बताते हैं कि इस तरह की जाम को लेकर कई बार भारतीय रेलवे के वरीय अधिकारी से आग्रह किया गया कि जोगबनी रेलवे स्टेशन के पार्किंग से हरेक 5 मिनट के अंतराल पर ही आंख अस्पताल की टैक्सीयां खोलने की व्यवस्था की जाए लेकिन जोगबनी रेलवे स्टेशन से संबंधित भारतीय रेल प्रशासन के द्वारा इस मद में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है जिसके कारण सारी टैक्सियां झुण्ड में ही एक साथ वहां से खुलकर नेपाल की विराटनगर सीमा में पहुंचते ही जाम लगा देती है और वही जाम हरेक दिन सीमा पर तस्करों की आवाजाही में वरदान साबित होता है।

ट्रेन के समय सीमा पर तैनात भारतीय सुरक्षा बलों के साथ ही उस पार नेपाल के विराटनगर में भी सीमा पर तैनात रहने वाले नेपाली पुलिस बलों को भी इससे काफी परेशानी होती है और इसका सीधा फायदा अवैध कार्य में संलग्न गिरोहों के द्वारा उठा लिया जाता है।

दूसरी ओर , इस दौरान दोनों देशों के दर्जनों नागरिक की पॉकेटमारी, मोबाइल चोरी होनी आम बात हो जाती है और नो मेंस लैंड पर दुकानदारों द्वारा स्थापित अवैध कब्जा ने अलग ही समस्या उत्पन्न कर दिया है।