भीषण गर्मी से बेहाल लोगों के बीच बाढ और कटाव की दस्तक पर पूर्णिया डीएम हुए चौकस

भीषण गर्मी और उमस से प्रभावित सीमांचल वासियों की जीवनशैली बारिश और हवा के झोंकों के इंतजार में खुले आसमान की ओर टकटकी लगाये बैठे है। दूसरी ओर, नेपाल की नदियां लगातार जलप्रलय का सामना कर रही हैं और सीमांचल की नदियां तेजी से उफान मार रही हैं। इसके परिणामस्वरूप लोग चिंतित हैं कि इस बार फिर से सीमांचल में बाढ़ का कहर बरसेगा। भीषण गर्मी से प्रभावित लोगों के बीच बाढ़ और कटाव की संभावना के चलते पूर्णिया प्रशासन चौकस, वैसाल और अमौर अंचल से शुरू हुई कटाव के विरूद्ध कटाव निरोधी कार्य कराने के लिए निर्देश दिए हैं।

भीषण गर्मी से बेहाल लोगों के बीच बाढ और कटाव की दस्तक पर पूर्णिया डीएम हुए चौकस

सीमांचल  (विशाल/पिंटू/विकास)

भीषण गर्मी और उमस से संत्रस्त सीमांचल वासियों की जिंदगी बारिश के साथ हवा के झोंके के इंतजार में खुले आसमान की ओर टकटकी लगाए हुई है तो दूसरी ओर से नेपाल की नदियों से लगातार जलप्लावित होती जा रही सीमांचल भर की छोटी बड़ी नदियां तेजी से भरती हुई नजर आ रही है। जिस कारण लोगबाग आशंका जता रहे हैं कि इस बार फिर से इस सीमांचल के पूरे क्षेत्रों में बाढ़ की विभीषिका का कहर बरपने वाला है।

हालांकि , सीमांचल के चारो जिले में जिला पदाधिकारियों के द्वारा इस बार की संभावित बाढ़ की आपदा से निपटने के लिए और उसके दौरान बचाव कार्य की व्यापक तैयारियां कराने के लिए जारी समीक्षा बैठकों में संबंधित विभागों और उसके अधिकारियों को दिशा निर्देश देने के सिलसिले भी जारी हैं लेकिन प्रत्येक वर्ष की बाढ़ की विभीषिका में तंग और तबाह होने वाले इस सीमांचल के आम आवाम को पता है कि उनके विस्थापन के दिन फिर आने वाले हैं।सीमांचल वासियों को पता है कि और वर्षों की भांति इस बार भी उनके घरबार सहित उपजाऊ खेतिहर भूमि से लेकर इदगाहें , कब्रिस्तानें , मदरसे , मस्जिदें मकतब तक फिर से नदियों की कटाव लीला का शिकार हो कर नदियों की गर्भ में समाने वाले हैं।

जबकि दूसरी ओर के वैसे गांवों के लोगों के रोंगटे खड़े हो रहे हैं कि इस बार फिर से उन्हें पूरे गांव सहित विस्थापन का दंश झेलते हुए बेघर होने की नौबत का सामना करना पड़ेगा।

बहरहाल , इस क्रम में पूर्णिया जिले की बात करें तो जिला पदाधिकारी के द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार , पूर्णिया के जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार ने जिले के सभी एसडीओ व  अंचलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे सभी संवेदनशील तटबंधों की निगरानी व पेट्रोलिंग कराते रहें और वहां पहुंचने के लोकेशन की जांच कराकर तैयारी रखें ताकि आपदा के दौरान सामग्री पहुंचाने में बाधा उत्पन्न नहीं हो सके।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार , बैसा अंचल के रायबेर पंचायत के हरिया गांव वार्ड नं 5 से मिली नदी के कटाव की सूचना पर जल निस्सरण प्रमंडल पूर्णिया द्वारा बंबू रोलिंग एवम् एन सी बैग से कटाव निरोधी कार्य कराया गया।

वैसा अंचल के ही आसियानी पंचायत के ग्राम खाता टोली बालू टोल में भी नदी कटाव की सूचना पर उपरोक्त कटाव निरोधी कार्य कराया गया।

वैसा अंचल के रायबेर से जैडेल जाने वाली सड़क में भी नदी कटाव होने की सूचना के आलोक में ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा बताया गया कि पानी घटने के बाद उक्त सड़क को परिचालन योग्य बनाया जाएगा और इस बीच आवागमन के लिए दो अन्य रास्ते उपलब्ध हैं।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वैसा अंचल के ग्राम पंचायत कंफलिया से अभयपुर जाने वाली सड़क में कटाव होने की सूचना के मद्देनजर  ग्रामीण कार्य विभाग बायसी प्रमंडल द्वारा कटाव निरोधी कार्य कराया गया और उसके अलावा अमौर अंचल के रंगरैया पंचायत के ग्राम बागबाना कामत टोला के लाल टोली में भी नदी की कटाव की सूचना पर बाढ़ नियंत्रण सह जल निस्सरण प्रमंडल पूर्णिया द्वारा कटाव निरोधी बम्बू रोलिंग कार्य कराया गया।

पूर्णिया के जिला पदाधिकारी के द्वारा संबद्ध अधिकारियों को चेताया गया कि बाढ़ और कटाव की किसी भी सूचना पर त्वरित गति से कार्रवाई की जाय और इस मामले में कोई भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।