उफनाती नदियों की कटाव रोकने को बोल्डर पीचिंग कराए सरकार

पूर्व विधायक तौसीफ आलम ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि हर साल दो लाख परिवार बर्बाद होते हैं, लेकिन सरकार बाढ़ से बचाव के लिए केवल बोरे बिछवाने में मशगूल रहती है। उन्होंने सरकार से उफनाती नदियों के कटाव को रोकने के लिए बोल्डर पिचिंग कराने की मांग की।

उफनाती नदियों की कटाव रोकने को बोल्डर पीचिंग कराए सरकार
  • पूर्व विधायक तौसीफ आलम ने दी सरकार को चेतावनी
  • कहा हरेक वर्ष दो लाख परिवार होते हैं बर्बाद लेकिन सरकार बोरे बिछवाने में रही मशगूल
  • बाढ़ से बचाव पर सरकार बोरे बिछवाने में मशगूल, बोल्डर पीचिंग कराए सरकार

सीमांचल  (विशाल / पिंटू)

बिहार के सबसे बड़े मुस्लिम बहुल क्षेत्र किशनगंज संसदीय क्षेत्र में पड़ने वाले पूर्णिया जिले के दो विधान सभा क्षेत्र बायसी और अमौर सहित किशनगंज जिले के चार विधान सभा क्षेत्र कोचाधामन , बहादुरगंज , ठाकुरगंज और किशनगंज मिलाकर सभी छह विधान सभा क्षेत्र भाजपा एनडीए विरोधी मिजाज के कारण कांग्रेस राजद के ऐसे मजबूत गढ़ बन गए हैं कि इस क्षेत्र को बिहार कांग्रेस की सबसे मजबूत धरोहर कही जाने लगी है।

कांग्रेस और राजद के इस गढ़ को तोड़कर अपनी जदयू का गढ़ बनाने के जितने प्रयास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी अपने अब तक के कार्यकाल में किए सभी विफल ही रहे।

क्योंकि , इस क्षेत्र से होकर बहने वाली दर्जन भर विनाशकारी नदियों की कटाव लीला को रोकने में अब तक के किसी भी मुख्यमंत्री को नाममात्र की भी दिलचस्पियां नहीं रहीं हैं। नीतीश कुमार जैसे मुख्यमंत्री की भी नहीं रही है।

किशनगंज जिले के बहादुरगंज विधान सभा क्षेत्र से पूर्व में चार बार लगातार कांग्रेस के विधायक रहे लोकप्रिय पूर्व विधायक तौसीफ आलम ने इस मामले में बेबाकी के साथ फिर से सवाल खड़ा किया है और स्पष्ट किया है कि बिहार के जिस उत्तर पूर्व के क्षेत्र को सीमांचल कहा जा रहा है उस सीमांचल की तरक्की के बगैर सीमांचल में न कभी केन्द्र की सत्ता रूढ़ राजनीतिक दल के स्थापित होने की संभावना बनेगी और न बिहार की सत्तारूढ़ दल को पांव जमाने का कोई मौका मिलेगा।

पूर्व विधायक तौसीफ आलम के अनुसार , इस सीमांचल की तरक्की तभी संभव होगी जब इस क्षेत्र से होकर बहनें वाली नदियों के किनारों की बोल्डर पीचिंग कराकर नदियों की विनाशकारी कटाव लीला को रोकने का काम किया जाएगा।

उन्होंने इस संवाददाता की टीम के साथ बातचीत करते हुए कहा कि इस क्षेत्र की जनता प्रत्येक वर्ष नदी कटाव के कारण अपने खेती की भूमि से हाथ धोती आ रही है।अपने घर मकान खो रही है और ईदगाह मस्जिदों और कब्रिस्तानों के भी प्रत्येक वर्ष की बाढ़ में कटकर नदियों के गर्भ में समाते रहने के कारण बर्बाद होती जा रही है। लेकिन , बिहार सरकार कटाव निरोधी कार्य कराने में सिर्फ बोरे से ही कटाव रोकने की सुनियोजित कोशिशें जारी रखी हुई है।

कांग्रेस के पूर्व विधायक तौसीफ आलम ने दावा किया है कि इस क्षेत्र को जानबूझकर बिहार सरकार बर्बाद करने पर आमादा रही है और सुनियोजित साजिश के तहत ही नदियों के किनारे में बोल्डर पीचिंग कराने से भागती रही है जबकि दूसरी ओर यह सरकार भी बोरे के बूते कटाव रोकने के नाम पर सरकारी कोष से खिलवाड़ करती हुई नदियों के किनारे किनारे सिर्फ बोरा विछबाती आ रही है।

पूर्व विधायक तौसीफ आलम ने कहा कि बिहार सरकार जब तक इस क्षेत्र के कटाव ग्रस्त क्षेत्र में बोल्डर पीचिंग नहीं कराएगी तब तक इस क्षेत्र में नदियों की कटाव लीला को नियंत्रित नहीं की जा सकती है।

उन्होंने बताया कि कटाव से किशनगंज जिले में लगभग दो लाख परिवार प्रत्येक वर्ष बेघर हो  रहे हैं।जिनकी सुधि सिर्फ कागजों पर ही ली जाती रही है।