डॉ. अबू सायम के समर्थन से अमौर में अब्दुल जलील मस्तान को बढ़त, कांग्रेस खेमे में उत्साह चरम पर
अमौर विधानसभा क्षेत्र में इस बार कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल जलील मस्तान और जदयू उम्मीदवार सबा जफर के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। क्षेत्र के सर्वाधिक लोकप्रिय चर्चित समाजसेवी नेता डॉ. अबू सायम के सक्रिय समर्थन से कांग्रेस खेमे में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। डॉ. सायम ने 31 अक्टूबर से अमौर में चुनावी अभियान की कमान संभाल ली है और जनता से बाहरी प्रत्याशी को वोटों की ताकत से खदेड़ने की अपील की है। उनका कहना है कि जैसे इस बार एनडीए के बाहरी प्रत्याशी साबिर अली को जनता ने अमौर से बाहर कर दिया , वैसे ही इस बार भी अमौर की जनता “अपना” नेता चुनकर दूसरी जीत दर्ज करेगी। डॉ. सायम की मैदान में वापसी से कांग्रेस समर्थकों में जोश बढ़ गया है, जबकि विपक्षी खेमों में हताशा का माहौल है। क्षेत्र में अब चुनावी जंग “स्थानीय बनाम बाहरी” के मुद्दे पर सिमटती दिख रही है।
सीमांचल (अशोक/विशाल)
पूर्णिया जिले के अमौर विधानसभा क्षेत्र से इस बार के विधान सभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी अब्दुल जलील मस्तान की जीत को सुनिश्चित कराने के लिए क्षेत्र के बहुचर्चित लोकप्रिय समाजसेवी नेता डॉ अबू सायम ने 31 अक्टूबर से अपना खूंटा अमौर विधानसभा क्षेत्र की सरजमीं पर गाड़ दिया है।
इस संवाददाता से हुई उनकी बातचीत के अनुसार , अमौर विधानसभा क्षेत्र की जनता इस बार के विधान सभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल जलील मस्तान के समर्थन में एकतरफा मतदान करने का मन बनायी है और उक्त क्षेत्र में अंग्रेजी नीति के तहत जनता को बरगला कर पिछली बार के विधान सभा चुनाव में जीत हासिल करने वाले अमौर क्षेत्र से बाहर के नेता को इस बार के विधान सभा चुनाव में हर हालत में अमौर क्षेत्र से खदेड़ भगाने का नीयत बना लिया है।
पूर्व वाले उक्त विधान सभा चुनाव के दौरान क्षेत्र भर में सबसे बड़े चुनावी रणनीतिकार के रूप में उभरकर राजनीति के क्षेत्र में अपने नाम का सिक्का जमाने वाले अमौर विधानसभा क्षेत्र के अतिलोकप्रिय समाजसेवी नेता डॉ अबू सायम की अचानक हुई ताजातरीन धमक से संपूर्ण अमौर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति सरगर्म हो गई है और गैर कांग्रेस दलों के नेताओं में हताशा की स्थिति पैदा होने लगी है।
जबकि दूसरी ओर , पूर्णिया जिले के अमौर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस महकमा सहित क्षेत्र भर की जनता में हर्षोल्लास छा गया है और हर ओर कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल जलील मस्तान जिंदाबाद के नारे के साथ साथ डॉ अबू सायम जिंदाबाद के नारों की गूंज गूंजनी शुरू हो गई है।
सूत्रों के अनुसार , इस बार के चुनावी मतदान के जरिए अमौर विधानसभा क्षेत्र की सीट को बाहरी नेता से मुक्त कराने के अभियान के अंतर्गत लगातार क्षेत्र भर के काबिल और दिग्गज नेताओं की जमात कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल जलील मस्तान के समर्थन में एकजुट होने लगी है।
जानकारों के अनुसार , इस बार इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल जलील मस्तान की सीधी टक्कर बिहार की सत्तारूढ़ दल जदयू के उम्मीदवार सबा जफर के साथ हो रही है और इस वजह से शेष सभी प्रत्याशी की स्थिति इस चुनाव के मद्देनजर दिनप्रतिदिन डांवाडोल होती जा रही है।
डॉ अबू सायम ने कहा है कि अमौर की जनता की बाहरी विरोधी मिजाज़ को लेकर अमौर सीट के लिए घोषित हुए एन डी ए के जदयू प्रत्याशी साबिर अली को जिस तरह से अमौर छोड़कर भागने की नौबत झेलनी पड़ी थी और उस क्रम में अमौर वासियों की पहली कामयाबी दर्ज़ हो गई थी , उसी तरह से अबकी बार अपने एकमुश्त वोटों की ताकत से अमौर सीट पर काबिज़ नेता को इस बार के चुनाव में अमौर से भगाकर दूसरी कामयाबी अमौर की जनता हांसिल करने की तैयारी में है।



